Makar Sankranti Essay in Hindi 150 Words – मकर संक्रांति पर एक सुन्दर निबंध

मकर संक्रांति पर एक सुन्दर निबंध (Makar Sankranti Essay in Hindi 150)

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मकर संक्रांति पर निबंध 150 शब्दों मे – Makar Sankranti Essay in Hindi 150 Words

मकर संक्रांति, हिन्दी पंचांग के अनुसार साल के पहिले महीने में मनाई जाती हैै। और अगर हिन्दी कैलेंडर के हीसब से देखे तो मकर संक्रांति मकर राशि में सूर्य का प्रवेश होने पर मनाया जाता है। यह हिन्दू धर्म का एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पर्व है जिसे लोग अलग अलग राज्यों में अलग अलग नाम मे जानते है और इसे सभी राज्यों में अपने तौर तरीके से मकर संक्रांति को मानते हैं। जैसे बिहार और झारखंड में इसे खिचड़ी के नाम से जाना जाता है, यहां लोग इसे भोजन के रुप में मनाते हैं। उस दिन सुबह सुबह नहा धोकर तिल जो को परसाद के रुप में ग्रहण करके लाई एवं तिलवा खाते हैं और अपने संबंधी के यहां ले जाते हैं। तमिलनाडु में इसे पोंगल के नाम से जानते है यहां चावल के उत्पादन के पश्चात यह त्योहार के रुप मे मनाया जाता है। पंजाब और हरियाणा में इसे लोहड़ी त्योहार के नाम से मनाया जाता है, लोग इसे बड़े धूम धाम से गाना बजाना के साथ इस पर्व को मानते हैं और इसे खूब एंजॉय करते हैं। वहीं इसको गुजरात में उतरायण के नाम से इस पर्व को मनाया जाता है इस दिन यहां पे सारे लोग पतंग को उड़ती है जोकि बहुत आनन्दायक लगता है इसको देखने में यहां पुरा आसमान पतंगों से भरा रहता है। असम में मकर संक्रांति को भोगाली बिहु और मघ बीज के नाम से मनाते हैं, यहां लोग इसको कृषि और धार्मिक रूप से इसको मनाते हैं। वही केरल में इसे मकर विलाकोल के नाम से जाना जाता है माना जाता है कि यहां सबरीमला अय्यप्पा मंदिर को दर्शन करने के लिए मनाया जाता है।

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मकर संक्रांति पर निबंध 10 लाइन (Makar Sankranti par 10 Vakya)

1) हिन्दू कैलेंडर के अनुसार मकर संक्रांति पौष के महीने में मनाया जाता है।

2) मकर संक्रांति का त्यौहार पुरे भारत वर्ष के लोग मनाते ही है इसके साथ-साथ अपना पड़ोसी देश नेपाल में भी मकर संक्रांति का त्योहार मनाया जाता है।

3) गुजरात के लोग इस त्योहार को उतरायण के नाम से मकर संक्रांति मनाते है।

4) उत्तर प्रदेश, झारखंड तथा बिहार में इस त्यौहार को खिचड़ी के नाम से लोग जानते है।

5) मकर संक्रांति के दिन लोग सुबह सुबह नहा धोकर तिल, गुड़ परसादी के रुप मे खाते हैं तथा चिवड़ा चावल का दान करते है।

6) गुजरात में उत्तरायण के नाम से मकर संक्रांति को जानते है इस दिन बच्चे ख़ूब पतंग उड़ाते है और इस त्योहार का लुत्फ़ उठाते है।

7) मकर संक्रांति के दिन लोग सूर्य पूजा करते हैं और गंगा जल से स्नान करते हैं, जिससे उन्हें सूर्य देवता का आशीर्वाद मिलता है।

8) प्रयागराज में मकर संक्रांति के दिन से गंगा तट पर विश्व के सबसे बड़े स्नान मेले का आयोजन किया जाता है।

9) मकर संक्रांति के दिन लोग चुरा, चावल, सक्कर, तिलवा और लाई दान करते हैं जिससे लोगो तो पुण्य प्राप्त होता है।

10) मकर संक्रांति के दिन कई राज्यों में लोग पतंग उड़ाते हैं, जैसे कि गुजरात, मुंबई, दिल्ली और भी बहुत शहरो मे सभी लोग बड़े धूम धाम से पतंग उड़ाते हैं उसको एन्जॉय करते हैं।

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मकर संक्रांति का महत्व:
मकर संक्रांति का महत्व विशेष रूप से सूर्य के उत्तरायण होने से है, माना जाता है कि देवताओं का दिन उत्तरायण के समय होता है, तबसे दिन लम्बा होने लगता है और रात छोटी होने लगता है। उत्तरायण जब से सुरु होता है उसके पहले दिन नहा धोकर नए कपड़े पहनते हैं और तप, जप लोगो में प्यार बांटते हैं। इस दिन से बसंत ऋतु चालू हो जाता है। इक नया सवेरा लोगो के लिए आता है। यह एक भारत की सांस्कृतिक त्योहार है।