Ashiksha Ek Samasya Par Nibandh – शिक्षा और अशिक्षा पर निबंध लेखन

Ashiksha Ek Samasya Par Nibandh

Ashiksha Ek Samasya Par Nibandh – शिक्षा और अशिक्षा पर निबंध लेखन

Ashiksha Ek Samasya Par Nibandh: इस निबंध में, आपको Ashiksha Ek Samasya Par Nibandh लेखन के साथ-साथ उसके समाधान की दिशा में उठाए जाने वाले सही कदम बताए गए हैं। इस निबंध में जानकारी को संरचित रूप से दिया गया है ताकि पाठकों को अशिक्षा की समस्या और इसके समाधान के बारे में स्पष्ट और संपूर्ण जानकारी मिल सके। आइए, इस महत्वपूर्ण विषय पर गहराई से जानने का प्रयास करते हैं।

यदि आप अशिक्षा एक समस्या पर निबंध खोज रहे हैं, तो आप बिल्कुल सही जगह पे आए हैं। हमने इस पोस्ट में अशिक्षा समस्या और समाधान, अशिक्षा क्या है के आधार पर शिक्षा और अशिक्षा पर निबंध लिखे हैं। जोकि आपके लिए एक अच्छा हिंदी निबंध साबित हों सकता है। इसलिए आपको नीचे दिए गए इस निबंध को जरुर पढ़ना चाहिए।

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Ashiksha Ek Samasya Par Nibandh PDF

Ashiksha par nibandh

प्रस्तावना:

शिक्षा, मानव समाज की महत्वपूर्ण आधार और स्तंभ होती है, जो सभी क्षेत्रों में सफलता और विकास की ओर ले जाती है। यह आत्मविश्वास, ज्ञान, और सामाजिक सदभाव को बढ़ावा देती है। हालांकि शिक्षा के महत्व को सभी मानते हैं, लेकिन अशिक्षा, यानि शिक्षा की अभाव, समाज की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है। इस निबंध में हम ‘अशिक्षा पर निबंध’ के महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा करेंगे और इस समस्या के समाधान के उपायों पर विचार करेंगे।

अशिक्षा: एक मूलभुत समस्या:

अशिक्षा जैसी समस्या एक बहुत गंभीर समस्या है,और समाजिक रूप धारण करती है। इसका मतलब है कि जब भी हम शिक्षा की बात करते हैं, हमें अशिक्षा की आवश्यकता और उसके परिणाम की ओर ध्यान देना चाहिए। अशिक्षा का अभाव समाज को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जैसे कि गरीबी, बेरोजगारी, और असमानता।

अशिक्षा की समस्या के कारण:

अशिक्षा की समस्या के कई कारण होते हैं। पहला कारण हो सकता है आय की कमी, इससे गरीब परिवारों के बच्चे को स्कूल, कोचिंग मे दाखिला नही हो पाता है। जिसके कारण से गरीब परिवार के बच्चे शिक्षा प्राप्त नही कर पाते हैं। दूसरा, समाज में असमानता के कारण कई लोगों को उच्च शिक्षा की ओर जाने का मौका नहीं मिलता है। तीसरा, बच्चों से परिवार के द्वारा या परिवार के लिए काम करने से भी बच्चों को शिक्षा नही मिल पाती है और उनसे पैसे कमाने के दृष्टि से समाज में शिक्षा के प्रति रुचि कम कर देती है।

अशिक्षा का प्रभाव:

अशिक्षा, समाज की सबसे गंभीर समस्याओं में से एक है जो संपनता और विकास के रास्ते में एक बड़ी कठिनाई बन सकती है। जब कोई व्यक्ति शिक्षित नहीं होता है, तो उसे ज्ञान, उद्यमिता, और आत्मविश्वास की कमी होती है। यह व्यक्ति को उच्च शिक्षा और उच्च तकनीकी ज्ञान तक पहुँचने का मौका छीन लेता है, जिससे उसके करियर के राह पर बहुत कम ऑप्शन होते हैं।

अशिक्षित व्यक्ति अक्सर गरीबी और बेरोजगारी का शिकार बनते हैं। उनके पास विभिन्न रोजगार के अवसरों की जानकारी नहीं होती, जिसके कारण उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर होती है। वे उन क्षेत्रों में नियोक्ता के रूप में मान्यता प्राप्त नहीं होते, जो उनके रूचि और योग्यताओं के अनुसार हो सकते थे।

अशिक्षा का प्रभाव व्यक्ति के व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन पर भी होता है। उनमें विचार करने और सोचने की क्षमता कम होती है, जिससे वे अपने सपनों और लक्ष्यों को प्राप्त करने में कठिनाई महसूस करते हैं।

अशिक्षा के समाधान के उपाय:

अशिक्षा समस्या के समाधान के लिए कई कदम उठाए जा सकते हैं। जिसमें पहला हो सकता है शिक्षा के प्रति सामाजिक जागरूकता: अशिक्षा के समाधान के लिए सबसे महत्वपूर्ण कदम है समाज में शिक्षा के महत्व की जागरूकता बढ़ाना। दुसरा यह हो सकता है कि वित्तीय सहायता: गरीब परिवारों के बच्चों के लिए शिक्षा का वित्तीय सहायता प्रदान करना सरकारी योजनाएं और स्कॉलरशिप कार्यक्रम आयोजित करना। और तीसरा शिक्षा केंद्रों की बढ़ोतरी, समाज में शिक्षित व्यक्तियों के योगदान का प्रोत्साहन इस तरह के योजनाओं से अशिक्षा के समाधान का उपाय हो सकता है।

निष्कर्ष:

‘अशिक्षा पर निबंध’ के माध्यम से हम देखते हैं कि अशिक्षा समस्या केवल शिक्षा के अभाव के रूप में ही नहीं है, बल्कि यह समाज के विकास और प्रगति के रास्ते में भी एक मूल कठिनाई है। सभी समाज के लोगों को मिलकर इस समस्या का समाधान ढूंढना होगा ताकि हम एक शिक्षित, समृद्ध, और समृद्धिपूर्ण समाज की दिशा में बढ़ सकें।

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Pradushan ki Samasya aur Samadhan – प्रदूषण की समस्या और समाधान पर निबंध

Pradushan ki Samasya aur Samadhan

Pradushan ki Samasya aur Samadhan – प्रदूषण की समस्या और समाधान पर निबंध

Pradushan ki Samasya aur Samadhan: जो कि class 1 से लेकर के उन सभी विद्यार्थियों के लिए है जो प्रदूषण की समस्या पर एक निबन्ध पढ़ने या लिखना चाहते हैं।

प्रदूषण एक सामाजिक और पर्यावरणीय मुद्दा है जिसका महत्व हम सभी को समझना चाहिए। इस निबंध में हम प्रदूषण की समस्या के कारण, प्रकार, प्रभाव, और समाधान के बारे में विस्तार से जानेंगे, जो आपको इस महत्वपूर्ण विषय को समझने और उसके समाधान करने में मदद करेगा।

Pradushan Ki Samasya Aur Samadhan Par Nibandh के इस ब्लॉग पोस्ट को पढ़कर, आप प्रदूषण की समस्या के महत्व को समझेंगे और इसके समाधान में योगदान करने के लिए जागरूक होंगे। चलिए, हम साथ मिलकर प्रदूषण की समस्या को और अधिक समझने का प्रयास करते हैं।

Pradushan ki Samasya aur Samadhan

Pradushan ki Samasya aur Samadhan
प्रदूषण की समस्या और समाधान पर निबंध

-: प्रदूषण की समस्या :-

प्रस्तावना:

प्रदूषण, आज के पीढ़ी की एक गंभीर और बड़ा समस्या है, जिसका असर पूरे परियावरण और व्यक्तिगत जीवन पर बुरा प्रभाव डाल रहा है। यह समस्या न केवल भारत में बल्कि पूरे विश्व में तेजी से बढ़ रही है। पर्यावरण में विभिन्न परकार के विषाणु, धूल कण, और अन्य अदूष्ट पदार्थ फैल रहे हैं, जो स्वास्थ्य, पारिस्थितिकी, और जीवन को बुरी तरह से प्रभावित कर रही है। यह पदार्थ वायु, पानी, और भूमि में से उत्पन्न होते हैं और इसका कारण विभिन्न उद्योग, वाहन, औद्योगिक विकास, और व्यक्तिगत गतिविधियां से होती है।

प्रदूषण के प्रकार:

वैसे तो प्रदूषण कई परकार के होते हैं लेकीन मुख्य रूप से चार तरह के प्रदूषण वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण और मृदा प्रदूषण एक बहुत बड़ी समस्या बन चुकी है और ये बहुत ज्यादा परियावरन को दूषित कर रहि है। लेकीन यहां पे सभी परकार के प्रदूषण को संक्षिप्त में दिया गया है।

  1. Air Pollution (वायु प्रदूषण): वायु प्रदूषण वातावरण में फैले गैस, धूल कण, धुंआ इस तरह के जहरीले पदार्थ के फैलने के कारण होता है। इसके प्रमुख कारण हैं वाहनों का प्रदूषण, उद्योगी उपकरण, और जलवायु परिवर्तन।
  2. Water Pollution (जल प्रदूषण): जल प्रदूषण परियावरण, जीव जन्तु एवम मनुष्य के एक बड़ा समस्या बन चुकी है। इसका कारण जल को प्रदूषित करने वाले तत्वों जैसे औद्योगिक अपशिष्ट, जलमार्गी प्रदूषण, जल का असदुपयोग और भी बहुत से कारण हो सकते हैं। जल प्रदूषण एक महत्वपूर्ण वातावरणीय समस्या है जो मानव स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव डालता है।और इसके समाधान के लिए हमें जल सुधार की ओर कदम उठाने की आवश्यकता है।
  3. Soil Pollution (मृदा प्रदूषण): मृदा प्रदूषण मृदा में मिश्रित कीटाणु, कीट, और विषैले तत्वों (पदार्थ )की उपस्थिति के कारण से होती है। इसका मुख्य कारण यह है अशुद्ध जल से सिंचाई, कारखाने से निकले अपशिष्ट पदार्थ, और कृषि के लिऐ रासायनिक खाद्य पदार्थ का उपयोग करने से।
  4. Noise Pollution (ध्वनि प्रदूषण): ध्वनि प्रदूषण अत्यधिक शोर या ध्वनि उत्पन्न होने के कारण से ध्वनि प्रदूषण होता है। जो कि हानिकारक हो सकता है। इसका कारण यह है कि यह वाहनों, उद्योग, और निरंतर लाउड स्पीकर और dj की बजने से शोर होता है।
  5. Light Pollution (प्रकाश प्रदूषण): प्रकाश प्रदूषण रात के समय में अत्यधिक प्रकाश उत्पन्न होने पर होती है, हालाकि ये बहुत बड़ी समस्या नहीं है। लेकीन इस प्रदूषण से तारे बहुत कम देखने को मिलते हैं। प्रकाश प्रदूषण शहरी इलाकों में सबसे ज्यादा होती है, इसका कारण सड़क प्रकाश, विज्ञान प्रकाश और अन्य प्रकाश स्रोतों से होता है।

ये हैं प्रदूषण के मुख्य प्रकार, और हर प्रकार की प्रदूषण की अपनी विशेष आवश्यकताएं और प्रभाव होते हैं। यह समस्या हम सभी की जिम्मेदारी है, और हमें मिलकर इसका समाधान ढूंढने में काम करना होगा।

प्रदूषण के कारण:

यह एक गंभीर समस्या है जो विभिन्न कारणों से उत्पन्न होती है। प्रमुख कारणों में से एक है उद्योगों और कारख़ानों से निकलने वाले उद्योगिक अपशिष्ट, धूल, और जहरीले गैस।वाहनों के उत्सर्जन भी वायु प्रदूषण का मुख्य कारण है, जिसमें वाहनों द्वारा निकलने वाले कार्बन डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड, और वायुमंडलीय थलस्सल्फाइट  भी प्रदूषण के कारणों में शामिल हैं।

वनस्पतियों के अत्यधिक उन्नत और अव्यवस्थित कटाई-कुटाई के कारण से भी वायु और जल प्रदूषण का कारण बनती है। वनस्पतियों को अवसादित करने वाले विभिन्न रासायनिक उत्पादों का उपयोग करने से भी वायुमंडलीय प्रदूषण होता है।

जल प्रदूषण का एक मुख्य कारण नगरीय और औद्योगिक कचरे की दुबारा उपयोग में नहीं लाने से भी होता है, जो नदियों और झीलों को अपशिष्ट से भर देती है।

प्रदूषण के कारण धरती पर रहने वाले सभी जीव जंतु को बुरी तरीके से प्रभावित कर रही है, जो की इसी कारन से धरती के वातावण में बदलाव देखने के लिए मिल रहा है | और यह बढ़ते विकास के कारन और अवसाद की ढेर से एक गंभीर समस्या बन रहा है। इसलिए, हमें कुछ नियम बनाने की आवश्यकता है जिसे हर मनुष्य को समझना चाहिए और जिम्मेदारी लेनी चाहिए| ताकि हम वातावरण को स्वस्थ और सुरक्षित रख सकें

स्वास्थ्य प्रभाव:

बढ़ते प्रदूषण के कारण स्वास्थ्य पर प्रभाव काफी गंभीर होते जा रहा हैं। वायु प्रदूषण के कारण लोग अस्थमा, ब्रॉन्काइटिस, फेफड़ों जैसे रोग से ग्रसीत हो रहे हैं, और श्वासनलिका संबंधित समस्याओं का सामना करते हैं। यह सांस लेने में कठिनाइयाँ डालता है और स्वास्थ्य को खतरे में डालता है। जल प्रदूषण कारण के कारण जीव जन्तु एवम मनुष्य को  जल स्रोतों के कीटाणु के कारण असूखा, डायरिया, और अन्य बीमारियां पैदा हो रहें है। स्थल प्रदूषण कारण से उद्यानों और किसानों को बीमारियों का सामना करना पड़ता है, जिससे फसलों को दूषित कर और फसल उत्पादन की क्षमता को कम कर रही है। इससे आर्थिक और स्वास्थ्य संभावनाओं का नुकसान होता है।

सरकार द्वारा उठाये गए कदम:

प्रदूषण को कम करने के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाई हैं। उनमें से कुछ प्रमुख उपायों में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए भारत सरकार ने उद्योगों को शस्त्र और उपयोग किए जाने वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का प्रयोग करने की सलाह दी जाती है। साथ ही, उद्योगों को स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों के अनुसरण करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। वाहनों के प्रदूषण को कम करने के लिए नई और पर्यावरण सहित उपकरणों की तकनीकों का अध्ययन किया जा रहा है। इसके अलावा, वन्यजीवों की संरक्षण के लिए वन्य जीव नियंत्रण कार्यक्रम चलाया जा रहा है ताकि जंगली जानवरों की संख्या बढ़ सके और जंगलों की सुरक्षा बढ़ सके। ये भारत सरकार ने प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

व्यक्तिगत जिम्मेदारी:

हर व्यक्ति को महत्वपूर्ण भूमिका निभाना चाहिए प्रदूषण की समस्या को दूर करने के लिए। हर व्यक्ति को अपने व्यक्तिगत जीवन में सावधानी बरतने की आवश्यकता है, ताकि उनके वातावरण को हानि पहुंचाने वाले तत्वों और कारकों को न केवल कम करें, बल्कि उन्हें समाप्त करें। उदाहरण के रूप में, व्यक्तियों को जल संरक्षण, ऊर्जा की बचत, और परिवहन में सार्थक उपयोग करने के लिए उत्साहित किया जाना आवश्यक है। व्यक्तिगत जिम्मेदारी न केवल प्रदूषण को कम करने में मदद करती है, बल्कि व्यक्ति को अपने वातावरण के प्रति संवेदनशील बनाती है और समुदाय के साथ मिलकर समस्या का समाधान करने के लिए प्रेरित करती है।

प्रदूषण की समस्या का समाधान:

प्रदूषण की समस्या से छुटकारा पाने के लिए कई समाधान और उपाय हो सकते हैं। पहले, उद्योगों और वाहनों में शुद्धता बढ़ाने के लिए प्रदूषण नियंत्रण यंत्र लागू किया जा सकता है। कारखाने में नई टेक्नोलॉजी का उपयोग करना और नई ऊर्जा स्रोतों का खोज करने की आवश्यकता है। वनस्पतियों के पूरे विकास के लिए वृक्षारोपण अभियान चलाना और जल, वायु और जलवायु प्रदूषण को कम करने के लिए विशेष उपाय अपनाना इस तरह से प्रदुषण को कम करने में सक्षम हो सकते हैं। साथ ही, जनसंख्या को कम करने के लिए जागरूक करना होगा। और उन्हें प्रदूषण के प्रति सजग रहने के लिए शिक्षा और समय समय पर चेतावनी देना भी आवश्यक है। इन समाधानों के साथ, हम एक स्वस्थ और हरित पर्यावरण की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं।

निष्कर्ष:

जैसा कि हमने देखा प्रदूषण की समस्या आज हमारे समाज के सामने एक गंभीर चुनौती बन चुकी है, जिसका समाधान आवश्यक है। हमारी स्वास्थ्य, पर्यावरण, और आर्थिक विकास को प्रदूषण से होने वाले हानिकारक प्रभावों से बचाने के लिए हम सबको एकजुट होकर इसकी समस्या पर पहल करने की आवश्यकता है।

इस निबंध में बताया गया कि प्रदूषण बहुत तरह के होते हैं और साथ साथ उनके कारण भी बताएं गए हैं। जोकि इसके निष्कर्ष से हमें यह सीखने को मिलता है कि हमारी आवश्यकता है कि हम इस समस्या के समाधान के लिए हम सब को साथ मिलकर काम करना पड़ेगा।

हमारे स्वास्थ्य की रक्षा के लिए, हमें वायुमंडल, जल, और पृथ्वी के साथ तालमेल बनाकर रहना बहुत जरूरी है। सरकार के साथ-साथ हम सब का भी योगदान देना बहुत जरुरी है। किसी वस्तु का दुबारा उपयोग करने से या उसको दुबारा उपयोग लायक बनाना बहुत जरुरी है इससे कचरे में कमी होगी, और सजगता के साथ हम प्रदूषण को कम कर सकते हैं और हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ और हरित जीवन की संभावना बढ़ा सकते हैं।

इसलिए, हम सब को मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता है ताकि हम अपने भविष्य को प्रदूषण से मुक्त बना सकें और जीवन को स्वस्थ रख सकते हैं।

FAQ:

प्रदूषण क्या है:

प्रदूषण एक ऐसी समस्या है जिसे वायुमण्डल में कई तरह के जहरीले गैस बढ़ने लगती है जिससे मानव जीवन को प्रभावित करती है, जल, और पृथ्वी पर जीवन के लिए हानिकारक तत्वों की वातावरण में मिश्रण के कारन धरती पर रहने वाले सभी जीव जन्तु को हानि पहुँचता है। यह गैस विभिन्न स्रोतों से उत्पन्न होने से फैलती हैं, जैसे कि उद्योग, वाहन, औद्योगिक विकास, और मानव द्वारा किये गए वस्तु से निकले काचरे से।

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दीपावली पर 20 लाइन हिंदी में निबंध । Diwali Par Nibhandh

दीपावली पर 20 लाइन हिंदी में निबंध

दीपावली पर 20 लाइन हिंदी में निबंध । Diwali Par Nibhandh In Hindi

दीपावली पर 20 लाइन हिंदी में निबंध: के इस पोस्ट मे हम आपके साथ ‘Diwali Par 20 Line Nibhandh In Hindi’ से संबंधित हिन्दी निबंध शेयर करने जा रहे हैं।

यदि आप दिवाली के शुभ अवसर पर Happy Diwali के लिए 30 शब्दों, 20 शब्दों मे निबंध खोज रहे हैं, तो Happy Diwali Essay In Hindi आपके लिए ही यहां दिया गया है। हमने इस पोस्ट में दिवाली के शुभ अवसर पर 50 शब्दों में, 10 शब्दों में, 50 शब्दों में, शब्दों के आधार पर ये निबंध लिखें हैं। इसलिए आपको नीचे दिए गए Diwali Essay in Hindi को जरुर पढ़ना चाहिए। इस निबंध को Class 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10 के विद्यार्थियों के लिए लिखी गई है। जिसे इन कक्षा के छात्र छात्रा अपनों के साथ शेयर कर सकते है, तो चलिये अब 20 Lines On Diwali In Hindi  – दिवाली पर 20 लाइन निबंध को जानते है।

दीपावली पर 20 लाइन हिंदी में निबंध

🪔दीपावली पर छोटा सा लेख 🪔

  • दीपावली पूरे भारत वर्ष में मनाया जाता है। यह त्योहार रात्रि में प्रकाश के दीप जलाकर बड़े धूम धाम से मनाया जाता है।
  • दिवाली आने से पहले लोग अपने अपने घर दफ्तर को अच्छे से साफ सफाई करते है और दिवाली के दिन पूरे घर को दीप जलाकर और लाईट लगाकर घर को सजाते है।
  • दीपावली के दिन तैयार होकर साम को माता लक्ष्मी और गणेश जी का पूजा करते हैं और सब धन प्राप्ति हेतु अर्जी लगाते हैं।
  • यह त्योहार अश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को मनाया जाता है। जोकि यह त्योहार हिंदुओं का सबसे बड़ा त्योहार में से एक होता है।
  • इस दिन सभी लोग नए नए कपड़े पहनते हैं, एक दूसरे को मिठाईयां देते हैं और गले लगाते हैं। इस दिन हर किसी के चेहरे पर मुस्कान होती है क्योंकि इस दिन सभी बड़े धूम धाम से बम पटाखे फोड़ते है।
  • कुछ लोग इस दिन धन और धान्यता की प्राप्ति करते हैं, दूसरे स्वास्थ्य को प्राप्त करते हैं, और ब्राह्मण वेद पठन और शिक्षा में प्रशिक्षित होते हैं।
  • दीपावली का महत्व भगवान राम के जीवन से जुड़ा हुआ है। भगवान राम, वाल्मीकि के द्वारा रचि गई कविता “रामायण” के मुख्य पात्र हैं।
  • राम की पत्नी सीता माता को बचाने के लिऐ, राम और उनके भाई लक्ष्मण के साथ रावण नामक राक्षस राजा के विरुद्ध युद्ध करते हैं, जिसमे भगवान राम की विजय होती है।
  • दीपावली का महत्व भगवान विष्णु और लक्ष्मी के साथ भी जुड़ा है। भगवान नारायण और लक्ष्मी माता के साथ इस त्योहार को मनाने से धन, संपत्ति, और खुशी की प्राप्ति होती है।
  • दीपावली एक महत्वपूर्ण त्योहार है जो पूरे भारत वर्ष के समाज को सुधारने और समृद्धि की दिशा में मदद करता है।

Diwali Par 20 Line Hindi Mein in English

  • Dipawali pure bharat warsh me manaya jata hai. Yah tyohar raatri me Parkash ke deepak jalakar bade dhum dham se manaya jata hai.
  • Dipawali aane se pehle log apne apne ghar daftar ko acche se saaf safai karte hain or diwali ke din pure ghar ko deep jalakar or light lagakar ghar ko sajate hain.
  • Dipawali ke din taiyaar hokar saam ko mata Lakshmi or Ganesh ji ko Puja karte hain. or sab dhan prapti hetu arjee lagate hain.
  • Yah tyohar aashin Maas ke Krishna paxsh ki aawamashy ko manaya jata hai. Jo ki yah tyohar hindyon ka Sabse bada tyohar me se ek hota hai.
  • Is din log nye nye kapde pahante hain. Ek dusre ko mithayiyan dete hain or gale lagate hain. Is din har kisi ki chehre pe mushkan hoti hai kyunki is din sabhi bade dhum dham se bamm pathaka fodte hain.
  • Kuch log is din dhan or dhanyata ki prapti karte hai. Dusre sawath ko prapti karte hain. Or bhraman ved ko padhte hai or siksha ko grahan karte hain.
  • Dipawali ka mahatva bhagwan raam se juda hua hai. Bhagwan raam walmiki ke duara rachi gyi Kavita “ramayam” ke mukhya payra hain.
  • Ram ki patni mata Sita ko bachane ke liye, Ram or unke Bhai lakshman ke sath ravan namak raksha ke virudh youdh karte hain jisme bhagwan ram ki Vijay hoti hai.
  • Dipawali ka mahatva bhagwan vishnu or Lakshmi ji ke sath bhi judi hui hai. Bhagwan Narayan or Lakshmi Mata ke saath is tyohar ko manane se dhan, samptti, or Khushi ki prapti hoti hai.
  • Dipawali ek mahatvpurn tyohar hai jo pure bharat warsh ke samaj ko sudharne or samridh ki disha me madad karta hai. 

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